
सुन लो मेरी बात ।
दया करो कुछ मेहर उपाओ,
सिर पर रखो हाथ ।
कालनेमि को जैसे खींचा ॥ १ ॥
शत्रु हमारे तत्क्षण मारो ॥ २ ॥
लंका को थे किये विध्वंसा ॥ ३ ॥
अजर अमर के आशीष पाए ॥ ४ ॥
राम के अतिशय पासा हो तुम ॥ ५ ॥
वह रहता पतझड़ में फूला ॥ ६ ॥
तुम्हें ध्याऊँ मैं दिन राता ॥ ७ ॥
शत्रु हमारे तत्क्षण मारो ॥ ८ ॥
लोग न जाने क्यों जलते हैं ॥ ९ ॥
राम द्वार के हो रखवारे ॥ १० ॥
द्विविधा मेरी तुरन्त मिटा दो ॥ ११ ॥
तुम्हरे जैसा कोई नाहीं ॥ १२ ॥
बैरिहु मारु जगत के ईशा ॥ १३ ॥
बैरि व्याधि न नेरे आवे ॥ १४ ॥
खुल जाता है राम दरवाजा ॥ १५ ॥
भूत प्रेत पिशाच को मारो ॥ १६ ॥
सर्व जगत बजता है डंका ॥ १७ ॥
हनुमद् बीसा जो कह पावे ॥ १८ ॥
हं हं हनुमंत कहता नर जो ॥ १९ ॥
उससे तो दुख दूर ही रहता ॥ २० ॥
कर दो बेड़ा पार ।
हूँ दीन मलीन कुलीन बड़ा,
कर लो मुझे स्वीकार ॥
करो मेरा कल्याण ।
ताप हरो तुम मेरे स्वामी,
बना रहे सम्मान ॥
सदा हों सहाई ।
संकट पड़ा यशपाल पे,
तभी आवाज लगाई ॥
हनुमान बिसा का जाप करके आप अपनी लाइफ में प्रोटेक्शन और स्ट्रेंथ महसूस करेंगे। हनुमान चालीसा का सरल अर्थ के साथ इसे रेगुलर करें तो रिजल्ट्स अमेजिंग होंगे।